ख़ुशी

आईये जीवन में सबसे अच्छे क्षण को चयनित करते है:
○जब अचानक आपको किसी बात पे इतनी हँसी आ जाये कि, हँसते हँसते पेट मे दर्द होने लगे पर हँसी न रूके।
○जब किसी परीक्षा की पूर्व रात्रि में पढ़े हुए प्रश्नों को एग्जॉम पेपर में देखते है।
○छुट्टी मनाने किसी सुंदर जगह जाने के लिए आफिस से छुट्टी का प्रबंध करने पर।
○अचानक रेडियो में अपना पसंदीदा गीत सुनने पर।
○रात्रि में आप बिस्तर पर सोने जाते है और अचानक बाहर बहुत तेज बारिश होने की आवाज सुनाई देने लगे।
○सर्दियों में आप स्नान करके बाथरूम से निकलते है और पाते है कि तौलिया तो गर्म है।
○आप अपनी आखिरी परीक्षा को क्लियर करने की बात पेरेंट्स को बताने पर।
○किसी भूखे को खाना खिलाने पर जब आपके पास खुद ही पैसे कम हो।
○बिना किसी कारण के हंसने के लिए।
○अपनी गलती को सुनने पर जबकि कोई आपको प्यार से आपकी गलती समझाए।
○सुबह जागना और महसूस करना की अभी कुछ घंटों तक सोना और संभव है।
○एक गीत सुनने के लिए जो आपको एक विशेष व्यक्ति की याद दिलाता है।
○एक टीम का हिस्सा बनने के लिए।
○पहला चुंबन।
○पहाड़ी की चोटी से सूर्यास्त देखने के लिए।
○नए दोस्त बनाने पर।
○जब जिंदगी में रियल प्यार हो जाए।
○अपने सबसे अच्छे दोस्तों के साथ थोड़ी देर बीतने के लिए।
○उन लोगों को देखने के लिए जिन्हें आप पसंद करते हैं, और उन्हें देखकर खुशी महसूस कर रहे हैं।
○पिता बनने पर।
○एक पुराने दोस्त को फिर से देखें और महसूस करें कि चीजें बदलीं नहीं हैं।
○समुद्र तट में अपने पार्टनर के साथ शाम को चलने के लिए।
○जब आपका हमसफर आपको बताता है कि वह आपको बहुत प्यार करता है।

और भी बहुत कुछ……

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमे अपने शरीर से ज्यादा अपने मन को स्वास्थ्य रखने की आवश्यकता है। रोजमर्रा की लाइफ में ढ़ेर सारी ऐसी बाते जिनसे हमकों ख़ुशी मिलती हैं,अपनी जिन्दगी की लंबाई का अंदाज़ा हम नही लगा सकते पर हां इस जिंदगी में छोटी छोटी बातों में ख़ुश होकर और दूसरों को खुशियां देकर हम अपने मन को जरूर स्वस्थ्य रख सकते हैं। धन्यवाद
ख़ुश रहे , निरोग रहे …….

WORLD HISTORY FACTS ABOUT INDIA

भारत के बारे में विश्व इतिहास से कुछ तथ्य।

1. भारत ने पिछले 1000 वर्षों के इतिहास में किसी भी देश पर हमला नहीं किया।

2. भारत ने संख्या प्रणाली का आविष्कार किया, ज़ीरो का आविष्कार आर्यभट्ट ने किया था।

3. दुनिया का पहला विश्वविद्यालय 700 बीबीसी में तक्षिला में स्थापित किया गया था। दुनिया भर के 10,500 से अधिक छात्रों ने 60 से अधिक विषयों का अध्ययन किया। 4 वीं शताब्दी ईसा पूर्व में निर्मित नालंदा विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में प्राचीन भारत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक था।

4. फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, संस्कृत कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए सबसे उपयुक्त भाषा है।

5. भारतीय आयुर्वेद दवाओं का सबसे पुराना स्कूल है जिसे मनुष्यों के लिए जाना जाता है।

6. हालांकि पश्चिमी मीडिया के द्वारा भारत की आधुनिक छवियों को राजनीतिक भ्रष्टाचार के माध्यम से गरीबी से पीड़ित और अविकसित रूप में चित्रित किया जाता रहा है, फिर भी भारत पृथ्वी पर सबसे अमीर साम्राज्य था।

7. नेविगेशन की कला 5000 साल पहले सिंध नदी में पैदा हुई थी। शब्द “नेविगेशन” संस्कृत शब्द “नवगतिह” से लिया गया है।

8. पीआई के मूल्य की पहली बार बुद्धयान द्वारा गणना की गई थी, और उन्होंने पाइथागोरियन प्रमेय के रूप में जाना जाने वाला अवधारणा समझाया। ब्रिटिश विद्वानों ने साल (1999) में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित किया था कि बुद्धयन के कार्य 6 वीं शताब्दी की तारीखें हैं जो यूरोपीय गणितज्ञों से काफी पहले है।

9. बीजगणित, त्रिकोणमिति और गणित भारत से आया था। 11 वीं शताब्दी में श्रीधरचार्य द्वारा क्वाड्रैटिक समीकरण थे; ग्रीक और रोमनों की सबसे बड़ी संख्या 106 थी, जबकि भारतीयों ने 1053 के रूप में बड़ी संख्या में उपयोग किया।

10. अमेरिका के जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के अनुसार, 1896 तक, भारत दुनिया के हीरे का एकमात्र स्रोत था।

12. सिंचाई के लिए सबसे पुराना जलाशय और बांध सौराष्ट्र में बनाया गया था।

13. भारत में शतरंज का आविष्कार हुआ था।

14. सुश्रुत सर्जरी का पिता है। 2600 साल पहले वह और उसके समय के स्वास्थ्य वैज्ञानिकों ने सेसरियन, मोतियाबिंद, फ्रैक्चर और मूत्रवर्धक पत्थरों जैसे सर्जरी की। प्राचीन भारत में संज्ञाहरण(एनेस्थीसिया) का उपयोग अच्छी तरह से जाना जाता था।

15. जब 5000 साल पहले दुनिया में कई संस्कृतियां केवल भयानक वनवासियों थीं, तब भारतीयों ने सिंधु घाटी (सिंधु घाटी इंडियन 100 ईसा पूर्व) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की।

यारों का मामा

ये कहानी शुरू होती है, कॉलेज गोइंग दोस्तों के किराये के मकान से, जहाँ उनकी लाइफ रोज की तरह हँसते खेलते,लड़ते झगड़ते गुज़र रही थी, लेकिन उन दिनों उनके रूम में आकर दूसरे और साथी बहुत आश्चर्य चकित होते थे। जहाँ एक रूम में रहकर लड़के अपने चीजें शेयर नहीं कर पाते थे और वही वो दोस्त खुली क़िताब की तरह रहते थे। अगर किसी एक को भी कुछ लेना होता था, तो सब उसके साथ ही जाते थे। उन सभी मे बॉन्डिंग बहुत अच्छी थी। एक रोज एक मित्र के साथ उन सभी की मुलाकात हमारी कहानी के हीरो से हुई।

ये शख्श एक मस्तमौला जिंदगी जीने वाला लड़का था। उन सभी दोस्तों की खुशमिजाज लाइफ को देखकर वो उनसे खुद को दूर नही कर पाया, और उसका, उनके रूम आने का सिलसिला शुरू हो गया।

धीरे धीरे सभी को भी उसकी आदत हो गयी अब कोई भी पार्टी उसके बगैर अधूरी थी। उन सभी के बीच उसी के पास बाइक हुआ करती थी, जिस पर पेट्रोल कभी नही होता था, जब कभी किसी को कहीं जाना होता उसे पेट्रोल खुद भरवाना पड़ता था। यही कारण था कि और लोग भी कि.मी. के हिसाब से पेट्रोल भरवाते थे। बाकी सब दोस्त तो पढ़ ही रहे थे, लेकिन ये ही सिर्फ प्राइवेट कंपनी में काम करता था, और सबसे ज्यादा कड़का भी यही रहता था। उन सभी को उससे इतना अपनापन हो गया था कि सभी उसको “मामा” कहके बुलाते थे, अब वो उन्ही के साथ रहने लगा था और धीरे धीरे उन सभी यारों का मामा बन गया था…….

वह जिंदा दिल इंसान हमेशा ऊँचे ऊँचे ख्वाब रखता था, कभी कहता मामा एक दिन विदेश जाना है, कार लाना है। कभी कभी तो उसके ख्वाबों के समंदर में और दोस्त भी गोते लगाकर, वापस अपनी दुनिया मे लौट आते थे। वह पार्टी के लिए हमेशा तैयार रहता था, आप सिर्फ जगह बताओ बंदा टाइम पे हाज़िर, लेकिन उसके बिना पार्टी में मज़ा भी नही आता था। डांस तो पूरे एक्सप्रेशन के साथ होता था, दोस्त की शादी में साला इतना नाचा था कि सब थक गए, पर वो नही थका था। रूम पे चाहे किसी का भाई आये या दोस्त वो मामा को जरूर याद रखता था।

जब कभी दोस्तों की महफ़िल लगती तो उसमें उसकी मौजूदगी उस महफ़िल को और ख़ुशगवार बना देती थी।  सुनील शेट्टी का “ये धरती मेरी माँ है……साहब” वाला डायलॉग हो या फ़िल्म वेलकम का ” मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था….” का पूरा डायलॉग उसके मुँह से, सब सुनना चाहते थे, वह क्रिकेट भी अच्छा खेलता था।

रूम पर आते ही किचन पर पहुँच जाता था, और देखता की कुछ खाने को है कि नहीं, उसे बस चाँवल मिल जाय, तो उसका काम हो जाता था। किसी के भी काम के लिए हमेशा तैयार रहता था। किसी का बर्थडे उसके बिना होता नही था। एक दफ़ा उसके बर्थडे में भी दोस्तों ने रात तक उसको विश नही किया था, खूब कोशिश की थी उसने याद दिलाने की, फिर रात में उसको जगाकर सरप्राइज़ दिया था तो रोने सा हो गया था साला।

कभी घर की बातें शेयर नहीं करता था, हाँ कभी उसके किसी अंकल के यहाँ लेके जाता था और वहाँ भी नीचे दोस्त को वेट करने का बोल खुद मिल आता था, कहता था कि ये मेरे पिता के मित्र है और इनकी लड़की मुझे पसंद है और शायद उसे मैं भी। कुछ समय बाद तो उसके पास सिर्फ नेटवर्क बिज़नेस की ही बातें रहती थी, जब भी मिलता बस अपना बिज़नेस ही बताता था पर दोस्तों पर उसकी एक नही चलती थी, उनके प्रश्नों से चुप भी हो जाता था। उसका रुझान नेटवर्क बिज़नेस में ही था, शायद इसलिए उसकी नौकरी भी ठीक से चल नही रही थी।

अब वो दिन भी आ गया था उन दोस्तो का अलग होने का, सब अपने काम मे व्यस्त हो गए थे। अब मिलना भी कम हो गया था। बस किसी की शादी में ही मुलाकातें होती थी। लाइफ तेजी से बढ़ रही थी, अब तो सबका शहर भी छूट गया था। अब मिलना सिमटकर सोशल मीडिया में रह गया था। सभी एक दूसरे को फ़ॉलो करते थे।

मामा से मिले काफी दिन हो गए थे, किसी से संपर्क नही कहाँ है, क्या कर रहा, कुछ पता नही था, तभी अचानक एक रोज उसकी शेयर की फ़ोटो देख दिल खुश हो गया, उसमे उसके विदेश यात्रा की तस्वीरें थी, अब उसने एक कार भी ले ली थी। यह देख दोस्तों का दिल खुश हो गया था और सभी ने उसे लाइक कर, कमैंट्स भी दिए थे। पर उससे बात किसी की नही होती थी, किसी अन्य दोस्त के माध्यम से ही खबर लगती थी, संपर्क कम हो गया था। फिर पता चला कि उसने वही पुरानी जॉब फिर जॉइन कर ली है, फिर उसकी स्थिति वैसे ही हो गयी है। सभी दोस्तों को बुरा लगता था सुनकर, लेकिन सब अपनी जिम्मेदारियों की उलझनों में जकड़ से गये थे।

काफ़ी दिन बाद एक मित्र ने उसके साथ पिक्चर शेयर की तब पता चला कि वो अब गाँव आ गया है और आयुर्वेदिक खेती शुरू कर दी है, खबर मिली तो खुशी हुई, अब फिर उससे संपर्क शुरू हो गया था, उसने अपनी शादी में भी सभी को बुलाया था पर सभी मित्र जा नही पाए थे। जब भी कोई मित्र पोस्ट करता वो लाइक और कमेंट जरूर करता था। लगभग साल भर बाद उसका फ़ोन एक मित्र को आया कहा कि मैंने एक कंपनी जॉइन की है, इस बार तेरे शहर के पास ही हूं, दोस्त खुश हो गया उसने कहा मामा आजा भाई बहुत दिन हुए तुझसे मिले, बोला अब तो तुम्हारे शहर में ही हूं आता हूं जल्द ही।

साला वो नही आया, दस दिन बाद ख़बर मिली कि उसको अटेक आया है, सब डर गए, कंफर्म किया तो पता चला कि मामा अब कभी नही आयेगा। सभी दोस्तों के पैरों तले जमीन निकल गयी, ये क्या हो गया भगवान अभी तो उसकी शादी हुई थी, इतना खुश था वो, विश्वास करना मुश्किल था। उससे अंतिम बार तो मिलना है, सोचकर दोस्त उसके घर पहुँचे, उसकी यात्रा में ऐसा हुजूम, मानो पूरा गाँव उलट पड़ा हो। साला ऐसे लग रहा था, मानो सो रहा है। लोगो ने बताया कि ये उसका दूसरा अटेक है, तो लगा कि हम सब अपनी लाइफ में ऐसे कितने व्यस्त हैं, की एक दूसरे की ख़बर ही नही रख पाते है। उसको कांधा देते समय दोस्त के हाथ काँप रहे थे। वही सुना कि वो बाप भी बनने वाला था, तो उसकी धर्मपत्नी के बारे में सोचकर सबका दिल बैठ गया था। उसके पिता दोस्त के गले लगकर रोये थे, पिता के दर्द की कल्पना ही नही की जा सकती जिसका जवान बेटा चला गया हो। ये पल बहुत दुःखद था। भगवान ऐसी स्थिति किसी के भी साथ न हो। हम सब ने अपना दोस्त खोया है, मगर उसकी यादें सदैव हमारे दिलों में जिंदा रहेगी।

दोस्तों अपना ख़याल रखो, स्वस्थ्य रहो, व्यसनों से दूर रहो, गाड़ी धीमे चलाओ, क्योकि आप का कोई अपना बड़ी शिद्दत से आपकी राह देख रहा है……..