बेटे का फ़ोन

जब भी बजती घंटी फ़ोन की वह झट से फ़ोन उठती

परदेश से याद किया बेटे ने यह सोच खुश हो जाती

बेटे के लफ्ज़ो के लहज़े माँ झट से पहचान जाती

कम बोले बेटा तब भी उसकी तबियत भाप जाती

न परेशान हो बेटा मेरा इसलिए सब अच्छा है कहती

बच्चों की खुशी के कारण माँ दर्द अपना सहती रहती

क्यू न बेटे भी अब उन माँओ की तरह ही बन जाते

माँ के कुछ न कहने पर भी उसका दर्द पहचान पाते….

#मन घुमक्कड़